नई शुरुआत में स्मरण
संकटनाशन गणेश स्तोत्र
गणेश जी का स्मरण करके किसी काम की शुरुआत में धैर्य और एकाग्रता का संकल्प।
चुना हुआ पद
प्रणम्य शिरसा देवं गौरीपुत्रं विनायकम् ।
भक्तावासं स्मरेन्नित्यमायुःकामार्थसिद्धये ॥पाठ का अंश · संपूर्ण पाठ नीचे दिए स्रोत पर
भक्तावासं स्मरेन्नित्यमायुःकामार्थसिद्धये ॥पाठ का अंश · संपूर्ण पाठ नीचे दिए स्रोत पर
सरल भावार्थ
आरंभ में गौरीपुत्र विनायक को प्रणाम कर उनका स्मरण किया जाता है। पाठ में आयु और अभिलाषित उद्देश्य की कामना व्यक्त होती है।
किस अवसर पर पढ़ें?
- नए कार्य, पढ़ाई या यात्रा से पहले मंगल स्मरण के लिए
- कठिन समय में मन को संभालकर अगला उचित कदम चुनने के लिए
पाठ का तरीका
शांत स्थान पर बैठकर अपनी सुविधा और परंपरा के अनुसार पढ़ें। उच्चारण सीखने में समय लगे तो धीरे पढ़ें और अर्थ पर ध्यान दें। किसी विशेष संख्या या समय को अनिवार्य मानना जरूरी नहीं।
पाठ-संदर्भ
इस स्तोत्र की आगे की पंक्तियों में गणेश जी के बारह नाम आते हैं। पाठ की वर्तनी विभिन्न संस्करणों में थोड़ी बदल सकती है। संपूर्ण मूल पाठ पढ़ें। ऊपर दिया हिंदी भावार्थ Dharma Daily का मौलिक संक्षेप है।
यह पारंपरिक भक्ति के उपयोग का परिचय है, निश्चित फल का वादा नहीं। व्यक्तिगत कठिनाइयों में आवश्यक व्यावहारिक सहायता भी लें।