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“नमः शिवाय” का भाव

शिव पंचाक्षर स्तोत्र

Dharma Daily संपादकीय · 29 सितंबर 2026 · 2 मिनट

शिव के पंचाक्षर मंत्र पर आधारित स्तुति के साथ श्रद्धा और आत्मचिंतन का अभ्यास।

चुना हुआ पद

नागेन्द्रहाराय विलोचनाय
भस्माङ्गरागाय महेश्वराय ।
नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय
तस्मै नकाराय नमः शिवाय ॥१॥पाठ का अंश · संपूर्ण पाठ नीचे दिए स्रोत पर

सरल भावार्थ

शिव के विविध रूपों को प्रणाम करते हुए “नमः शिवाय” के पहले अक्षर “न” की स्तुति की गई है।

किस अवसर पर पढ़ें?

  • शिव भक्ति और शांत चिंतन के लिए
  • सोमवार या अपने दैनिक पूजा समय में स्मरण के लिए

पाठ का तरीका

शांत स्थान पर बैठकर अपनी सुविधा और परंपरा के अनुसार पढ़ें। उच्चारण सीखने में समय लगे तो धीरे पढ़ें और अर्थ पर ध्यान दें। किसी विशेष संख्या या समय को अनिवार्य मानना जरूरी नहीं।

पाठ-संदर्भ

यह 1910 के प्रकाशित पाठ का आरंभिक पद है; अन्य प्रचलित पाठों में कुछ शब्द अलग मिलते हैं। संपूर्ण मूल पाठ पढ़ें। ऊपर दिया हिंदी भावार्थ Dharma Daily का मौलिक संक्षेप है।

यह पारंपरिक भक्ति के उपयोग का परिचय है, निश्चित फल का वादा नहीं। व्यक्तिगत कठिनाइयों में आवश्यक व्यावहारिक सहायता भी लें।

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